राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना 2025 के तहत बिजली उपभोक्ताओं को 150 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा की है। इस योजना के अंतर्गत रजिस्ट्रर्ड उपभोक्ताओं को न केवल फ्री बिजली मिलेगी, बल्कि सरकार की ओर से फ्री सोलर प्लांट और अतिरिक्त सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी। वहीं, गैर-पंजीकृत उपभोक्ताओं के लिए भी विशेष लाभ दिए जाएंगे।
इस योजना का उद्देश्य सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना और उपभोक्ताओं को बिजली बिल से राहत प्रदान करना है। राजस्थान डिस्कॉम और ऊर्जा विभाग ने इस योजना की विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है, जिसके तहत तीन अलग-अलग मॉडल तैयार किए गए हैं। आइए जानते हैं कि इस योजना का लाभ कैसे उठाया जा सकता है।
1. मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना क्या है?
यह एक सरकारी योजना है, जिसमें 150 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाती है। इसके अलावा, सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी भी दी जाती है, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल से राहत मिलेगी। यह योजना विशेष रूप से कम बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद है।
2. मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना के तहत मिलने वाले लाभ
✔ 150 यूनिट तक मुफ्त बिजली
✔ सोलर पैनल लगाने पर ₹17,000 तक की अतिरिक्त सब्सिडी
✔ नेट मीटरिंग के लिए फ्री स्मार्ट मीटर (₹8,000 मूल्य का)
✔ निशुल्क इंडक्शन कुकटॉप भी मिलेगा
✔ जो उपभोक्ता योजना में पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें भी 15 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त भुगतान मिलेगा
3. योजना के तीन मॉडल: किसे कितना लाभ मिलेगा?
(1) व्यक्तिगत रूफटॉप सोलर सिस्टम
- यदि बिजली उपभोग 150 यूनिट से अधिक है, तो सोलर प्लांट पर ₹17,000 की अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी।
- इसके अलावा, केंद्र सरकार की ओर से 1 किलोवॉट पर ₹33,000, 2 किलोवॉट पर ₹60,000 और 3 किलोवॉट पर ₹78,000 की सब्सिडी मिलेगी।
- यानी 1 किलोवॉट सोलर प्लांट लगाने पर कुल ₹50,000 तक की सब्सिडी मिलेगी।
- उपभोक्ताओं को हर माह ₹75 स्मार्ट मीटर चार्ज देना होगा।
(2) 150 यूनिट से कम उपभोग करने वाले उपभोक्ता
- यदि उपभोक्ता 150 यूनिट से कम बिजली का उपभोग करता है, तो सरकार सामूहिक सौर ऊर्जा प्लांट से मुफ्त बिजली उपलब्ध कराएगी।
- अगर कोई उपभोक्ता खुद रूफटॉप सोलर पैनल लगवाना चाहता है, तो उसे केंद्र सरकार से ₹33,000 और राज्य सरकार से ₹17,000 की अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी।
- इसके अलावा, फ्री स्मार्ट मीटर भी मिलेगा, जिसकी कीमत ₹8,000 तक हो सकती है।
(3) अनरजिस्टर्ड उपभोक्ता के लिए लाभ
- यदि कोई उपभोक्ता मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना में पंजीकृत नहीं है, तो उसे केवल PM Surya Ghar Yojana के तहत सब्सिडी मिलेगी।
- लेकिन, यदि वह अपने सोलर पैनल से ग्रिड को बिजली सप्लाई करता है, तो 15 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त भुगतान मिलेगा।
- साथ ही, उसे एक मुफ्त इंडक्शन कुकटॉप भी दिया जाएगा।
4. मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना का लाभ कैसे उठाएं?
✔ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करें:
- योजना का लाभ उठाने के लिए राजस्थान डिस्कॉम (Rajasthan Discom) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- अपने बिजली कनेक्शन नंबर, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के साथ आवेदन करें।
✔ नजदीकी बिजली कार्यालय में संपर्क करें:
- यदि ऑनलाइन आवेदन संभव न हो, तो नजदीकी विद्युत वितरण कार्यालय में जाकर योजना का फॉर्म भरें।
- आवेदन के साथ पहचान पत्र, बिजली बिल और बैंक खाते की जानकारी दें।
✔ सोलर प्लांट इंस्टॉलेशन के लिए अप्लाई करें:
- अगर आप रूफटॉप सोलर पैनल लगाना चाहते हैं, तो राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कंपनियों से संपर्क करें।
- सब्सिडी के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करें।
5. योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
- योजना मुख्य रूप से उन उपभोक्ताओं के लिए है, जो 150 यूनिट तक बिजली खपत करते हैं।
- सोलर पैनल लगाने पर सरकार भारी सब्सिडी दे रही है, जिससे बिजली बिल लगभग खत्म हो सकता है।
- यदि योजना में रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया, तो केवल केंद्र सरकार की सब्सिडी ही मिलेगी।
- नेट मीटरिंग सिस्टम के जरिए, यदि आपके सोलर प्लांट से ग्रिड को बिजली सप्लाई होती है, तो आपको 15 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त मिलेगा।
निष्कर्ष
राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना 2025 उन उपभोक्ताओं के लिए बेहद फायदेमंद है, जो बिजली बिल कम करना चाहते हैं। यदि आप 150 यूनिट तक बिजली का उपभोग करते हैं, तो आपको यह बिल्कुल मुफ्त मिलेगी।
इसके अलावा, सोलर पैनल लगवाने पर ₹50,000 तक की सब्सिडी और नेट मीटरिंग के जरिए अतिरिक्त आय भी हो सकती है। यदि आप अब तक इस योजना से नहीं जुड़े हैं, तो जल्द से जल्द ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करें और सरकार की इस योजना का लाभ उठाएं।